हिंदी सिनेमा और वेब सीरीज के लिए एक मील का पत्थर साबित हो रही है। यह साबित करता है कि अच्छी कहानियों और शानदार कलाकारों का कोई भाषा या सीमा नहीं होती。 दिव्य प्रकाश दुबे की कलम से निकली यह कहानी, विक्रांत मैसी, माहिमा मकवाना और वेदिका पिंटो की दमदार एक्टिंग के साथ स्क्रीन पर जान पड़ गई है।
रुद्र ने कैफे के बाहर एक छोटी सी जलती हुई दीपक दिखाई दी। उसने कहा, "आज रात यहां रुको। कल सुबह जब धुंध छंटेगी, तुम खुद ही फैसला करोगी कि तुम्हें क्या अपने साथ लेकर जाना है और क्या यहीं छोड़ना है। मुसाफिर कैफे में हर कोई अपना बोझ उतारता है, चाहे वो चाय के कप में हो या इस खामोशी में।"
यहाँ की दीवारें सिर्फ रंगों से नहीं, बल्कि मुंशी प्रेमचंद, जौन एलिया, गुलजार, और दुष्यंत कुमार की पंक्तियों से सजी होती हैं। कैफ़े के एक कोने में एक समृद्ध लाइब्रेरी होती है जहाँ हिंदी उपन्यास, कविता संग्रह और यात्रा वृत्तांत सहेजकर रखे जाते हैं। आप अपनी पसंद की किताब उठाकर घंटों बिना किसी रोक-टोक के पढ़ सकते हैं। musafir cafe hindi exclusive
नैना ने अपना सूटकेस देखा। उसने उसे खोला। उसमें ज़रूरत की चीज़ें नहीं, बस पुराने खतूत, तस्वीरें और टूटे हुए तोहफे थे। वह सारा 'सामान' वह अपने पीछे की ज़िंदगी का था।
जहाँ आज के कैफ़े में लाते (Latte) और एस्प्रेसो (Espresso) का बोलबाला है, वहीं मुसाफिर कैफ़े का मुख्य आकर्षण होती है। इसके साथ ही समोसे, मटकी पास्ता, और घर के बने बिस्कुट इसके मेन्यू को एक देसी और आत्मीय टच देते हैं। बल्कि मुंशी प्रेमचंद
“मुसाफिर कैफे” मूल रूप से एक किताब थी। जैसा कि हमने बताया, यह किताब दिव्य प्रकाश दुबे ने लिखी थी, जो में प्रकाशित हुई थी। किताब में भी चंदर और सुधा की कहानी को बहुत पसंद किया गया था। इस कहानी में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर (चंदर) और एक वकील (सुधा) के बीच प्रेम कहानी को बड़े ही संवेदनशील तरीके से पेश किया गया है।
Exclusive events for independent Hindi authors to showcase their new releases. 2. The Curated Hindi Library बस पुराने खतूत
Musafir Cafe Hindi Exclusive: A Literary Journey Through Travel, Nostalgia, and Divya Prakash Dubey’s Best-Seller